Sab ka aik Bhaijaan

Chamba heritage को लेकर कुछ बड़ा करना चाहते हैं अब्बास सय्यद.

Sabka Aik Bhaijaan

Sabka Aik Bhaijaan:- ज़िंदगी एक सफ़र है इस सफ़र में जैसे भी हालात आ जाएं जो मुसलसल चलने का जज़्बा रखते हैं आख़िर में जीत उन्हीं की होती है. सबका एक भाईजान की इस कड़ी में हमारे आज के भाईजान अब्बास सय्यद की कहानी भी कुछ इस तरह बयान करती है कि कैसे मुश्किलों का सामना करके उन्होंने अपनी मंज़िल को पाया.

अब्बास सय्यद की बच्चपन के दिनों की तस्वीर.

अब्बास सय्यद चंबा के रहने वाले हैं. जो बच्चपन से ही काफ़ी खुशमिजाज़ और सकारात्मक सोच के मालिक हैं. बच्चपन से ही अब्बास का Doctor बनने का सपना था. जिसके लिए वो बेहद मेहनत भी करते रहते थे. लेकिन शायद तकदीर को कुछ और ही मंज़ूर था. अब्बास बताते हैं कि जब वो 16 साल के थे तो उनके पिता की मृत्यु हो गयी. जिसके चलते उन पर घर की ज़िम्मेदारी आ पड़ी. जिससे उन्हें अपने Doctor बनने के सपने को अलविदा कहना पड़ा. पर उन्होंने अपनी पढ़ाई को जारी रखा.

अपने बच्चपन के दोस्तों के साथ अब्बास सय्यद

इस बीच 2003 में उन्हें हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड विभाग में नौकरी मिल गई. इसके साथ ही 2007 में नौकरी के दौरान ही उन्होंने अपनी MA English की पढ़ाई भी मुकम्मल कर ली. पढ़ाई में लगन होने की वजह से 2014 मेंdepartmental एग्जाम में Assistant account Officer टेस्ट में उन्हें कामयाबी मिल गई. ये कामयाबी उनकी जी तोड़ मेहनत और रब पर अटूट आस्था का नतीजा थी. इसके साथ ही ज़िंदगी के हर मोड़ पर उनकी माँ की दुआएं, पत्नी का सहयोग और भाई के प्यार से उन्हें और मज़बूती मिली.

अगर अब्बास की hobbies की बात करें तो क्रिकेट का खेल उन्हें बेहद पसंद था. क्रिकेट उन्हें खेलना ही नहीं बल्कि देखना भी बेहद अच्छा लगता था. क्रिकेट का शौक उनका अब तक कायम है. इसके अलावा अपनी बॉडी को फिट रखने के लिए जिम जाना भी उनका किसी इश्क़ से कम नहीं है . साथ ही ऐतिहासिक इमारतों को देखने और घूमने की भी उन्हें बेहद दिलचस्पी है.

अब्बास Chamba heritage को लेकर अपने मित्र जतिन के साथ काफी कार्यों को करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्हें चंबा हिस्ट्री के साथ-साथ तमाम तरह की historic किताबें पढ़ने का भी  काफ़ी शौक है. आजकल वो Himachal Pradesh Electricity Board में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं और साथ ही IGNOU  से MBA की पढ़ाई भी कर रहे हैं.

युवाओं में फ़ैल रहे नशे के खिलाफ़ अब्बास कहते हैं कि इसके असल ज़िम्मेवार उनके पेरेंट्स ही हैं. जो  बिना सोचे समझे उनकी सारी मांगों को पूरा कर देते है. उन्हें इस पर रोक लगाने की ज़रूरत है. साथ ही युवाओं को अपनें लिए एक लक्ष्य लेकर ज़रूर चलना चाहिए और मेहनत से कतराना नहीं चाहिए. कभी ना कभी आपकी मेहनत रंग ज़रूर लाएगी… उनकी यही सोच उन्हें एक Bhaijaan बनाती है. Bhaijaan बोले तो लीडर. लीडर हर कहीं लीडर होता है. इसके लिए आपका टीवी पर आना या अखबार में फोटो आना ज़रूरी नहीं. तो ये थे हमारे आज के Sab ka Aik Bhaijaan

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