Meri Kahani

जब गाड़ी के सामने सुनसान सड़क पर आया विशालकाय भालू…

मेरी कहानी भाईजान की ज़ुबानी के इस पहले सेगमेंट में आज हम आपको वसीम मलिक द्वारा भेजी गयी कहानी बताने जा रहे हैं. जो उनकी सच्ची आपबीती घटना पर आधारित है. हम उम्मीद करते हैं की आपको ये कहानी पसंद आयगी.

31 अगस्त 2011 की बात है रमज़ान की ईद का दिन था. ईद की नमाज़ के बाद वसीम मलिक अपने cousin brothers साबिर मलिक और इरफ़ान मलिक के साथ ईद के जश्न के लिए हिल स्टेशन Dalhousie के लिए घर से रवाना हुए. उस दिन काफी खुशगवार मौसम था. वसीम ने उस वक़्त नई नई गाड़ी भी ख़रीदी थी. एक तरफ गाड़ी की ख़ुशी का जश्न और दूसरी ओर ईद के जश्न ने मज़ा दुगुना कर दिया था.जैसे तैसे रास्ते में मौज मस्ती करते हुए वो लोग Dalhousie की ख़ूबसूरत वादियों में पहुंचे और Dalhousie की वादियों में आनंद लेने लगे.वो वादियों का आनंद लेते लेते इतना खो गए के कब शाम के सात बज गए पता भी नहीं चला. वसीम ने जैसे ही घड़ी की ओर देखा वो कहने लगा भाइयों टाइम बहुत हो गया है अब हमें घर की ओर वापिस चलना चाहिए. सभी ने हामी भरी और कहा हाँ भाई तुम ठीक कह रह हो हमारा घर भी दूर है पहुंचते पहुंचते रात हो जाएगी. वसीम ने कहा तो चले फिर. वसीम गाड़ी start करता है और वो लोग घर को निकलते हैं. अभी वो तक़रीबन Dalhousie से कुछ दूरी का ही सफ़र तय करते हैं की अचानक उनकी गाड़ी के आगे एक सियाह रंग का विशालकाय भालू आ खड़ा होता है. जैसे ही सबकी नज़र उसपे पड़ती है तो सब रोमांचित तो होते हैं पर साथ ही इतने बड़े भालू को देख कर घबराहट भी महसूस करने लगते हैं. भालू गाड़ी की रौशनी को देख कर सड़क के आगे की ओर भागने लगता है. तभी वसीम को लगता है कि शायद भालू डर गया है गाड़ी की लाईट को देख कर वो भी गाडी ख़ूब तेज़ी से भालू के पीछे दौड़ाने लगता है. तक़रीबन 500m तक ये कारवां चलता रहता है. फिर अचानक भालू जंगल में कहीं गायब हो जाता है. भालू के गायब होते ही वो राहत की सांस लेते हैं और घर को निकलते हैं. अगले दिन वसीम अपने भाइयों को एक हैरान करने वाली बात बतलाता है. भाई तुम लोगों को कुछ पता है….वो कहते हैं नहीं यार…क्या हुआ. वसीम कहता है जिस रास्ते पर कल हमें भालू मिला था उसी रास्ते पर एक लड़की को भालू ने लहूलुहान कर दिया. ये आज के अखबार में आया है जो हॉस्पिटल में इलाज करवा रही है. जैसे ही उनको ये सब पता चला उन्होंने रब का तहे दिल से शुक्रिया किया और सब एक दुसरे के गले लग गए. तो ये थी मेरी कहानी भाईजान की ज़ुबानी अगर आपको ये कहानी अच्छी लगी हो तो like और comment करें.

सदा मौज में रहें आपका #Bhajiaan

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