BJ ki Shayri

बेटियां बहने जब भी मायके से ससुराल जाती हैं…

खुशियों का लगता है बसेरा… रौनक से सजता है सवेरा… बच्चों की नटखट शरारतों से गूंजे घर सारा… बेटियों के आने से खिलता है बाबुल के दिल का गलियारा… बेटियां हैं अनमोल गहना… इन्हें पराई ना समझना… ये रब की रहमत का खज़ाना… सदा इन्हें मुस्कुराना… दुआओं में है तासीर इनकी झोलियां भर दुआएं लेना… […]

BJ ki Shayri

भक्त और नमाज़ी हाज़िर हो…

रामलल्ला का मंदिर तो बना लो… अयोध्या में मस्जिदों के लिए जगह भी ले लो… इस कलयुग में भगवान, अल्लाह को मना लो… पर जो पहले से मंदिर, मस्जिदें बनी हैं… उनमें भी भक्तों और नमाज़ीयों को बुला लो…. आज के लोग ना भक्ति और ना ही रब की इबादत में दिलचस्पी लेते हैं… वो […]

BJ ki Shayri

जो हुआ सो हुआ तकदीर का कौन करे शिकवा….

जो हुआ सो हुआ तकदीर का कौन करे शिकवा… जो हुआ सो हुआ तकदीर का कौन करे शिकवा… जो हुआ सो हुआ तकदीर का कौन करे शिकवा… जो तीर कमान से निकल गया उसका क्यूँ पछतावा…  तेरा नहीं इख़्तियार उसपे  तेरा  हक कैसा… है किसी और का जो अच्छा हुआ  दूर गया…. ज़िन्दगी में चलना […]

BJ ki Shayri

बाबागिरी भी फलता फूलता धंदा है आजकल…

ढोंग पखंड के गीत गाते… नए नए स्वांग के दीप जलाते… अंधी जनता को और अंधा बनाते… शंका में उलझा कर खूब नोट कमाते… बाबागिरी के नाटक में बखूबी अभिनय निभाते… कुछ है या नहीं जो भी मिले उसे यूँ ही  उलझाते… बाबागिरी भी फलता फूलता धंदा है आजकल… जो भी आया इनके चक्कर में […]

BJ ki Shayri

गाँधी जी आज जिंदा होते तो क्या कहते…

मेरे देश में सुकून बिखर गया… जात-पात के मोह में पड़ कर टूट गया… ये कैसा दौर आ गया… भाई भाई का दुश्मन हो गया… देश में हर ओर राजनीति गरमाई है… देश भक्ति भी अब सिर्फ एक दल में समाई है… गाँधी जी आज जिंदा होते तो क्या कहते… ये मेरा वही देश है […]

BJ ki Shayri

तभी बढ़ेगी हर इंसान की शान…जब थामे ये ज़बान…

खुद तो रहती है गुमसुम छुपके… पर अलफ़ाज़ तेरे रहते थिरके… तेरी ख़ामोशी में दीन ओ  ईमान… मगर तेरे तैश में बसा है शैतान.. जब चले तेज़ धारी सी तो करदे हैरान…  लेकिन जब बरसाए फूल तो सब मेहरबान… इंसान के किरदार की तब होती है असल पहचान… जब वो है गुलाम इसका या है […]

BJ ki Shayri

ऊपर आकाश…. मैं आज़ाद हूँ या नहीं

ऊपर आकाश….नीचे मै आज़ाद हूँ या नहीं…. बदलो के पास उड़ता एक जहाज़…नीचे मैं आज़ाद हूँ या नहीं…… मन करे की आसमान को छू लूं……. जिसे चाहा है उसे पा लूं…… पर ऐसा मुमकिन कहाँ…… चाहते अधूरी इस जहाँ…… अब तक था यहाँ…….. मैं कल कहाँ………. सूना सूना लगे ये जहाँ…. महफ़िलो में भी हूँ […]

BJ ki Shayri

सुनो हिंदी की पुकार…

हिंद देश के वासी हैं… हिंदी हैं हम… पर हिंदी की याद सिर्फ हिंदी दिवस को ही क्यूं आए… यूं तो अक्सर लोग इंग्लिश में ही गुनगुनाए… हिंदी बोलने वाले को आज भी अनपढ़ समझा जाये… इंग्लिश बोलने से ही समाज में रुतबा बन जाये… अंग्रेज़ों से आज़ाद हो गए पर इंग्लिश को गले लगाये […]

BJ ki Shayri

अलग अलग हुनर जब मिल कर आते हैं…

अलग अलग हुनर जब मिल कर आते हैं… तारे ज़मीन पर भी चमक जाते हैं… ये नन्हे मुन्हे बच्चे होते हैं फूल की कलीयां… इनकी होती है अपनी एक दुनिया… इनके दिलों में कोई खोट नहीं… पाक रूहें समाई इन में ही… ये हैं धरती के तारे अनेक… लाखों में ये ही तो हैं नेक… […]

BJ ki Shayri

ये कैसी इबादतगाहें हैं….

अब तो हर इबादतगाह में होती है एक दूसरे को लेकर ज़ुबान की लड़ाई… सब भूल गए इंसानियत और भूल गए ख़ुदा की खुदाई.. यूँ तो कहते हैं हम हैं भाई भाई.. फिर दिलों में क्यूँ दुश्मनी की दीवार बनाई… आजकल इबादत भी होती है दिखावे की… धर्म के ठेकेदार करें बातें बहकावे की… रब […]