BJ ki Shayri

जब लब खुल जाये होश भी खो जाये….

बैठे बिठाए बस सोच में असर दिखलाये… जब लब खुल जाये होश भी खो जाये…. इक पल में रिश्तों में दरार पड़ जाये… ये गुस्सा जब भी आये सब तहस-नहस कर जाये…. इस क्रोध, रोष आवेश की आग से जितना हो बचा जाये… जब भी गुस्सा आये तो ख़ामोशी इख्तियार की जाए… माना ये मुश्किल […]

BJ ki Shayri

तू मुस्कराहट लबों पे रखना…

तेरी दहलीज़ पर ग़म का हो बसेरा… राहें हो धुंधली…छाया हो बस कोहरा… कोई आगे नहीं… कोई पीछे तलक नहीं… तू चलता रहे तन्हा अकेला… इक काम को हर लम्हा अंजाम देना… मुस्कराहट लबों पे रखना… फिरेंगे दिन आएगी मौज नई…शिद्दत से मेहनत करते रहना… नतीजे भी होंगे अच्छे रंग लाएगा खून पसीना… तू मुस्कराहट […]

BJ ki Shayri

अब समाज सेवा होती है सिर्फ Photo के लिए….

बुरा वक़्त जब आता है… तो क्या क्या दिखलाता है… झूठ भी सच बन जाता है… बस दिखावा रह जाता है… हर काम के पीछे इक फ़रेब है… बिना मतलब के कुछ ऐब है… ऐसे माहौल में कुछ ज्ञानी-दानी उभर के आते हैं… जो बस सिर्फ नाम कमाना चाहते हैं… ग़ुरबत का मज़ाक बनाना चाहते […]

BJ ki Shayri

फ़िक्र नहीं है…अब किसी को किसी की…

समझ कर भी समझ ना आए… क्या हुआ है किसको बताएं… माजरा भी है उल्टा सारा… क्यूं बन गया है दिल बेचारा… फ़िक्र नहीं है अब किसी को किसी की… बस अपने काम में दिलचस्पी सबकी… ये कैसा युग आ गया… भाई भाई का ना रहा… प्यार-मोहब्बत जाता रहा… बस दौलत से रिश्ता बनता रहा… […]

BJ ki Shayri

क्या सिर्फ Nepotism की हवा सिर्फ़ बॉलीवुड़ में चलती है…

गिल्ली डंडा… डंडे पे गिल्ली… चली चली ये कैसी फिज़ा चली… सुना था जिसकी लाठी उसकी भैंस… हुनर को अक्सर कम मिलते chance.. मेरे वतन में बस सिफ़ारिश होने से बनते काम ख़ास… हर काम में यहां किसी ना किसी की चलती है… क्या सिर्फ Nepotism की हवा सिर्फ़ बॉलीवुड़ में चलती है… नहीं ये […]

BJ ki Shayri

तब होगी हरकत में बरकत…

यही ताकत… यही हिम्मत है… तकदीर भी यही… यही किस्मत है… कहूँ इसे इबादत… है खूब ये आदत… उठ चल आगे बढ़… दूर तलक निकल… उजला है बसेरा… कल होगा सुनेहरा… मनफी सोच को छोड़ दे कहीं… जो लोग कहें कहने दें… उनकी बातों का ना पड़े कोई असर… बस रख मंजिल पे नज़र… कर […]

BJ ki Shayri

तू तन्हा चल बस चलता चल…

मुश्किलों का होगा सफ़र… आएगा अपना ना कोई नज़र… तू तन्हा चल बस चलता चल… मंज़िल पर पहुंच कर ही ठहर… ना डगमगा चाहे जैसी हो डगर… तू तन्हा चल बस चलता चल… कुछ जलेंगे तुझसे…. कुछ होंगे फ़िदा… कुछ सुनाएंगे खरी-खोटी.. कुछ देंगे दगा… तू तन्हा चल बस चलता चल… जब होगा तू शिखर […]

BJ ki Shayri

मानो ये ज़मीन नई सी हो गई…

कभी ना सोचा था ऐसा वक़्त भी आएगा… इंसान घरों में बंद हो जाएगा… पूरी ज़मीन में lockdown लग जाएगा… वबा के चलते अलग-थलग हो जाएगा… कभी ना सोचा था ऐसा वक़्त भी आएगा… माना इस lockdown के हैं अनेक क़ायदे… पर क़ुदरत को बेहिसाब मिले इसके फ़ायदे… फ़िज़ायें पाक हो गयी है… क़ुदरत निखर […]

BJ ki Shayri

तो अब सीख लो लोगों से दूर रहना…

वक्त का है अब ये कहना…रूह-ए-ज़मीन में मुश्किल हुआ जीना…गर वबा-ए-कोरोना से चाहते हो बचना…तो अब सीख लो लोगों से दूर रहना… अब मेहफिल जलसों से परहेज़ करना…ना किसी से हाथ मिलाना…ना किसी को गले लगाना…अब तो यूं ही गुज़रेगा ज़िंदगी का ये अफ़साना…तो अब सीख लो लोगों से दूर रहना… इसमें ही है फायदा […]

BJ ki Shayri

समुंदर का शहर….

यूँ तो होंगे जहां में समुंदर अनेक… पर ये मुंबई का समुंदर है लाखों में एक… चाहे हो वो मरीन ड्राइव का किनारा… या हो वो जुहू चौपाटी का नज़ारा… जो एक बार यहां आया उसे ये समुंदर लगा ज़रूर प्यारा… कुछ पल हमने भी बिताये हैं यहां… क्या खूब था वो भी समां… कुछ […]