BJ ki Shayri

जिनके होते है दादा अब्बू दादी अम्मी…

दौलत खज़ाने है दुनिया में बेहद… पर नायाब खज़ाना है बजुर्गों से भरा घर… रब की इस नेमत का हर हाल में शुक्र कर… जिनके होते है दादा अब्बू दादी अम्मी… उस घर में नहीं रहती बरकतों की कमी… वो बच्चपन की लोरियां वो शरारतें.. हर ज़िद दादा-दादी पापा से पूरी करवा देते… उनके होने […]

BJ ki Shayri

कौन है ख़बरी कौन है पत्रकार….

कोई MBBS करे तो उसे Doctor कहते हैं… कोई LLB करे तो उसे वकील समझते हैं… कोई Engineering करे तो उसे Engineer बोलते हैं… फ़िर सिर्फ़ पत्रकार ही क्यूं हर कोई बन जाते हैं… कोई सब्ज़ी वाला पत्रकार… कोई ढ़ाबे वाला पत्रकार… कोई दूध वाला पत्रकार… कोई दुकान वाला पत्रकार… कोई यूं ही बना पत्रकार […]

BJ ki Shayri

नए साल का ख्याल…

नए साल की नई सुबह में आओ नई सोच लाएं… जो थी ग़लत आदतें उनको पुराने साल में दफ़न कर आएं… आओ नए साल में नई सोच लाई जाए… ये नया साल सिर्फ कैलेंडर के बदलने तक मेहदूद ना रहे… हर वो बुरा ख़याल बदलें जिससे अक्सर मनफी सोच रहे… कुछ रूठों को मनाया जाये… […]

BJ ki Shayri

ये हुकूमत आवाम का ख़ास मुद्दों से ध्यान भटका रही है…

साधू संत कह गए थे के ऐसा वक़्त आएगा… अनपढ़ जाहिलों को तख़्त पे बिठाया जाएगा… ज्ञानी-गुणी लोगों को मुर्ख समझा जाएगा… हंस चुगेगा दाना दुनका कौवा मोती खाएगा.. वो पीर-फकीरों की बातें पूरी होती दिख रही हैं… मेरे देश की आबोहवा हररोज़ बदल रही है… हुकूमत अपनों पे लाठियां ग़ैरों को बुला रही हैं… […]

BJ ki Shayri

ख्व़ाब आया सेल्फी लेते..

पलकों पे ख्व़ाब सुनहरे… कुछ अच्छे कुछ मीठे गहरे… कुछ दूर तलक ठहरे ठहरे… इन ख़्वाबों में कहां लगे पहरे… आज़ाद ये ख़्वाब सोच से परे… कुछ हैं अजीब कुछ हैं खरे खरे… इस सदी में ये क्या हो गया है… डिजिटल युग में हर इंसान खो गया है… पहले ख्व़ाब भी ख्व़ाब ही हुआ […]

BJ ki Shayri

मेरे प्यारे देश वासियों, मित्रों… Whats App यूनिवर्सिटीज के पीएचडी ना बनो…

सुना है पढ़े लिखे लोगों की इज्ज़त होती है… दुनिया भी एहतराम की नज़र से देखती है… हर जगह शान-शौकत अक्सर बढती है… समाज में एक अलग पहचान बनती है… इल्म ज्ञान का समंदर रचती है… कोई है BA. MA या PHD. पढ़ के आया यूनिवर्सिटी… शिक्षित व्यक्ति के लबों पे हर चीज़ जचती है… […]

BJ ki Shayri

बेटियां बहने जब भी मायके से ससुराल जाती हैं…

खुशियों का लगता है बसेरा… रौनक से सजता है सवेरा… बच्चों की नटखट शरारतों से गूंजे घर सारा… बेटियों के आने से खिलता है बाबुल के दिल का गलियारा… बेटियां हैं अनमोल गहना… इन्हें पराई ना समझना… ये रब की रहमत का खज़ाना… सदा इन्हें मुस्कुराना… दुआओं में है तासीर इनकी झोलियां भर दुआएं लेना… […]

BJ ki Shayri

भक्त और नमाज़ी हाज़िर हो…

रामलल्ला का मंदिर तो बना लो… अयोध्या में मस्जिदों के लिए जगह भी ले लो… इस कलयुग में भगवान, अल्लाह को मना लो… पर जो पहले से मंदिर, मस्जिदें बनी हैं… उनमें भी भक्तों और नमाज़ीयों को बुला लो…. आज के लोग ना भक्ति और ना ही रब की इबादत में दिलचस्पी लेते हैं… वो […]

BJ ki Shayri

जो हुआ सो हुआ तकदीर का कौन करे शिकवा….

जो हुआ सो हुआ तकदीर का कौन करे शिकवा… जो हुआ सो हुआ तकदीर का कौन करे शिकवा… जो हुआ सो हुआ तकदीर का कौन करे शिकवा… जो तीर कमान से निकल गया उसका क्यूँ पछतावा…  तेरा नहीं इख़्तियार उसपे  तेरा  हक कैसा… है किसी और का जो अच्छा हुआ  दूर गया…. ज़िन्दगी में चलना […]

BJ ki Shayri

बाबागिरी भी फलता फूलता धंदा है आजकल…

ढोंग पखंड के गीत गाते… नए नए स्वांग के दीप जलाते… अंधी जनता को और अंधा बनाते… शंका में उलझा कर खूब नोट कमाते… बाबागिरी के नाटक में बखूबी अभिनय निभाते… कुछ है या नहीं जो भी मिले उसे यूँ ही  उलझाते… बाबागिरी भी फलता फूलता धंदा है आजकल… जो भी आया इनके चक्कर में […]