Meri Kahani

उस रात Office से जब पहुंचा PG तब हुआ कुछ अजीब…

मेरी कहानी भाईजान की ज़ुबानी में आज हम ऐसी अजीबोगरीब घटना के बारे में कहानी बताने जा रहे हैं. जो आपको ज़रूर चौंका देगी.ये कहानी हमें विशाल धीमान ने भेजी है जो उनकी आपबीती सच्ची घटना पर आधारित है. तो चलिए बताते हैं उनकी कहानी….

सर्दियों के दिनों का मौसम चल रहा था. धुंध और कोहरा हर कहीं पसरा हुआ था. इसी बीच विशाल धीमान अपने ऑफिस से छुट्टी करके रूम की ओर जाने के लिए ऑटो का इंतज़ार कर रहा होता है. तकरीबन 11:30 बजे का समय हो गया होता है लेकिन ऑटो का कहीं नामोनिशान नहीं दिख रहा होता है. सुनसान सड़क पर अकेला विशाल ऑटो ना मिलने पर थोड़ा परेशान ज़रूर हो जाता है. विशाल कहता है इतनी रात हो गयी है अब ऑटो मिलेगा भी या नहीं के पैदल ही PG पहुंचना पड़ेगा.फिर अचानक धुंध के आगोश में एक ऑटो आता हुआ दिखाई देता है. विशाल राहत की साँस लेता है और अपने PG के लिए निकलता है. विशाल जैसे ही PG पहुँचता है रूम पर लाइट नहीं होती है. विशाल का PG 2nd floor पर होता है.वो अपने मोबाइल की लाइट ऑन करके रूम की सीढियां चढ़ने लगता है. जैसे ही विशाल रूम पहुँचता है रूम का दरवाज़ा पहले से खुला हुआ होता है. वो सोचता है शायद उसका रूममेट आया होगा और अन्दर चला जाता है. लेकिन अंदर जब पहुँचता है तो किसी को भी नहीं पता है. कुछ देर थोड़ा सोच कर विशाल कहता है छोड़ो यार आया होगा कोई और फ्रेश होने लगता है. विशाल अलमारी से कपड़े निकाल रहा होता है के मोबाइल टॉर्च की लाइट से अलमारी के शीशे से उसे अपने पीछे कुछ दिखाई देता है वो थोड़ा घबरा जाता है. एक बार फिर से वो देखने की कोशिश करता है तो देखता है कि सफ़ेद रंग की रजाई अपने आप खड़ी हो गई है. वो जैसे तैसे पीछे मुड़ कर टॉर्च की लाइट में आगे बढ़ता है की उसका मोबाइल एक काले रंग की बुढ़िया के सामने होता है. विशाल सकपकाहट में कहता है अअअ  कौन हो तुम और यहां मेरे रूम पर क्या कर रही हो…. विशाल के दिमाग में अजीब सवाल उठ रहे थे… तभी बुढ़िया कहती है मैं कल रात से तुम्हारे रूम पर ही हूँ. ये सुन कर विशाल और हैरान रह जाता है. वो फ़ौरन Care taker को आवाज़ लगता है. विशाल Care taker से कहता है ये बुढ़िया मेरे रूम  में कैसे आई क्या आपको इस बारे में कोई खबर नहीं है. Care taker बुढ़िया को देख कर ख़ामोशी इख़्तियार कर लेता है और विशाल से माफ़ी मांगता है.फिर Care taker उस बुढ़िया को धक्के मार कर रूम से निकलता है. तभी विशाल कहता है अरे धक्के ना मारो इस को कुछ खाने पीने का सामान दे कर कहीं सोने का इंतज़ाम कर दो. तभी मोहल्ले का एक लड़का विशाल से कहता है बाबू जी ये गरीब बुढ़िया है और पागल भी है ये यूँ ही लोगों के घरों में चल जाती है. विशाल ये सुन कर कुछ पैसे दे कर अपने रूम को चला जाता है. तो ये हमारी आज की कहानी अगर आपको ये कहानी अच्छी लगी हो तो post के नीचे like का बटन press करें और अपना comment भी सुझाव के रूप में दें और साथ ही इस सेगमेंट के लिए आप अपनी आपबीती कहानी भी भेज सकते हैं.आपका #Bhaijaan

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